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इंडियन आर्मी ने नकारा तो पहुंचा कश्मीर, 155 की स्पीड से किया वार, कोहली को मिला शोएब अख्तर जैसा गेंदबाज

हाल ही में हुए आईपीएल ऑक्शन में फ्रेंचाइजी मालिकों ने जरूरत के हिसाब से खिलाड़ियों पर बोली लगाई। इसी कड़ी में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने भी जम्मू-कश्मीर के एक तेज गेंदबाज पर दांव खेला और उसे 60 लाख रुप…

हाल ही में हुए आईपीएल ऑक्शन में फ्रेंचाइजी मालिकों ने जरूरत के हिसाब से खिलाड़ियों पर बोली लगाई। इसी कड़ी में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने भी जम्मू-कश्मीर के एक तेज गेंदबाज पर दांव खेला और उसे 60 लाख रुपये में खरीद लिया। इस तेज गेंदबाज का नाम है अविनाश सिंह।

150 से अधिक है स्पीड

Avinash Singh: Auto Driver का जूनूनी बेटा, जूते खरीदने के पैसे नहीं थे,  मेहनत से बना24 साल के अविनाश की बेस प्राइस 20 लाख रुपये थी, लेकिन वह इससे तीन गुना ज्यादा दाम पर बिके। ऐसी क्या खास बात थी जिसे देखकर कोहली की टीम ने इस तेज गेंदबाज पर दांव खेला? दरअसल, अविनाश के पास गजब की स्पीड है और वह लगातार 150+ की स्पीड और सटीक लाइन लेंथ के साथ गेंदबाजी कर सकते हैं। उनके कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें वह नेट्स प्रैक्टिस के दौरान अपनी स्पीड से बल्लेबाज को परेशान कर देते हैं।

फौज में जाना चाहते थे अविनाश
दरअसल, अविनाश फौज में जाना चाहते थे, लेकिन फिजिकल टेस्ट में फेल हो गए थे। अशोक सिंह बेटे को कमाई के लिए कनाडा भेजना चाहते थे, शुरुआती राउंड में नहीं बिकने के बाद अशोक ने बेटे से कहा था कि अब कनाडा जाने का समय आ गया है, लेकिन अविनाश को खरीदे जाने पर भरोसा था। एक्सलरेटेड ऑक्शन में आरसीबी ने अविनाश को अपनी टीम से जोड़ लिया।

फर्स्ट क्लास डेब्यू अभी तक नहीं किया
इसमें खास बात तो यह है कि अविनाश ने अब तक फर्स्ट क्लास डेब्यू तक नहीं किया है और टेनिस बॉल से ही ज्यादातर क्रिकेट खेली है। इसके बावजूद वह न सिर्फ आरसीबी बल्कि कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स को भी इंप्रेस करने में कामयाब रहे। आईपीएल ऑक्शन के दौरान बैंगलोर के अलावा कोलकाता नाइट राइडर्स ने भी उन पर बोली लगाई थी। अविनाश को ऑक्शन में खरीदे जाने की पूरी उम्मीद थी।

ट्रायल में 154.3 किमी की स्पीड से गेंदबाजी की

उन्होंने एक न्यूज पोर्टल से बात करते हुए कहा था कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर का ट्रायल मुंबई में था। बैंगलोर के मैनेजमेंट को उनकी गेंदबाजी काफी पसंद आई थी। ट्रायल के दौरान अविनाश ने 154.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद की थी। इसके बाद उन्हें अन्य टीमें, कोलकाता, दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जाएंट्स ने भी ट्रायल के लिए बुलाया था। सभी ट्रायल अच्छे गए थे और ऑक्शन में अच्छा करने की उम्मीद थी।

अविनाश का कहना है कि बाकी तीन फ्रेंचाइजी उन्हें अगले साल ऑक्शन में देखना चाहती थी, लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम उन्हें इसी साल चुनना चाहती थी। अविनाश का जम्मू-कश्मीर की टीम में चुना जाना भी हैरान करने वाला है। दरअसल, पिछले साल वह जम्मू-कश्मीर के ही एक पूर्व खिलाड़ी मयंक गोस्वामी के एकेडमी गए थे। यहां उन्होंने पहली बार लेदर बॉल से बॉलिंग की थी। उनकी स्पीड देखकर मयंक हैरान रह गए थे। उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ था और वह बार-बार अन्य स्टाफ से बात कर रहे थे। अविनाश के स्टार बनने में उनके कोच मयंक का भी अहम रोल रहा है।

अविनाश के पिता ऑटो ड्राइवर हैं
अविनाश के पिता अशोक सिंह पेशे से ऑटो ड्राइवर हैं। घर में सिर्फ वह ही कमाने वाले हैं। खराब पारिवारिक स्थिति की वजह से अविनाश ने मयंक की एकेडमी को जॉइन करने से मना कर दिया था। बाद में मयंक द्वारा अविनाश के पिता को मनाने पर वह एकेडमी जॉइन करने को तैयार हुए। साथ ही मयंक ने अविनाश के पिता से एक साल का समय मांगा।

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