CRICKET

संयोग या प्रयोग: क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान हमेशा एक ही ग्रुप में कैसे आ जाते हैं?

आईसीसी ने 2027 वनडे विश्व कप का कार्यक्रम घोषित कर दिया है, जिसमें भारत और पाकिस्तान 10 अक्टूबर को टकराएंगे। जानिए दोनों टीमों के एक ही ग्रुप में आने का गणित और इसके पीछे की वजह।

आईसीसी ने साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में 2027 में खेले जाने वाले वनडे विश्व का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसमें भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है, दोनो के बीच 10 अक्टूबर को मुकाबला खेला जायेगा। 

हर बड़े आईसीसी टूर्नामेंट का शेड्यूल आते ही फैंस सबसे पहले यही देखते हैं कि भारत और पाकिस्तान का मैच कब है। 2011 के बाद से लगभग हर टी20 और वनडे विश्व कप में ये दोनों टीमें ग्रुप स्टेज में ही आमने-सामने होती रही हैं।

हाल ही में जब ICC ने 2027 के वनडे वर्ल्ड कप का खाका तैयार किया, तो कहानी फिर वही दोहराई गई। 2027 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच का मुकाबला 10 अक्टूबर को तय किया गया है। दोनों टीमों को एक बार फिर ग्रुप ए में साथ रखा गया है। लेकिन सवाल यह उठता है कि पर्दे के पीछे आखिर ऐसा कौन सा गणित या सिस्टम काम करता है कि यह ब्लॉकबस्टर मैच हर बार ग्रुप स्टेज में ही पक्का हो जाता है?

पहली नज़र में भारत और पाकिस्तान का यह मैच महज एक इत्तेफाक माना जा सकता है, लेकिन असल में इसके पीछे आईसीसी के नियम, रैंकिंग का गणित और टूर्नामेंट का एक बड़ा अर्थशास्त्र काम करता है।

सर्पेन्टाइन सिस्टम और प्री-सीडिंग: ग्रुप तय करने का गणित

कागज़ों पर आईसीसी विश्व कप के ग्रुप तय करने के लिए टीमों की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग का इस्तेमाल करता है। इसके लिए दो मुख्य तरीके अपनाए जाते हैं- पहला होता है सर्पेन्टाइन सिस्टम और दूसरा होता है प्री-सीडिंग सिस्टम।

अगर बात करें सर्पेन्टाइन सिस्टम तो यह टीमों को ग्रुप में बांटने का एक जेड या एस पैटर्न है, जो रैंकिंग के आधार पर काम करता है। मान लिजिए अगर 14 टीमों को दो ग्रुप (ए और बी) में बांटना हो, तो क्रम कुछ ऐसा होता है- ग्रुप ए: रैंक 1, रैंक 4, रैंक 5, रैंक 8… और ग्रुप बी: रैंक 2, रैंक 3, रैंक 6, रैंक 7…

मतलब इस फॉर्मूले के मुताबिक रैंक 2 और 3 हमेशा ग्रुप बी में आते हैं, जबकि रैंक 1, 4 और 5 हमेशा ग्रुप A में। आईसीसी एक खास ‘कट-ऑफ तारीख’ तय करता है। अगर उस तारीख को भारत और पाकिस्तान की रैंकिंग इस कॉम्बिनेशन में बैठती है, तो वे नियम के तहत एक ही ग्रुप में आ जाते हैं। जैसे मौजूदा आईसीसी वनडे रैंकिंग में भारत इस समय पहले और पाकिस्तान पांचवें स्थान पर है।

अब अगर रैंकिंग के उलटफेर से दोनों टीमें अलग-अलग ग्रुप में जाने लगें, तो आईसीसी यहाँ ‘प्री-सीडिंग’ का इस्तेमाल कर सकता है। इसमें टूर्नामेंट के ड्रा से पहले ही टीमों की पोज़िशन फिक्स कर दी जाती है जैसे भारत को ए1 और पाकिस्तान को बी2 मानना। 2024 के टी20 विश्व कप में भी इसी व्यवस्था के तहत दोनों टीमों को ग्रुप ए में साथ रखा गया था।

इसके अलावा एक तीसरा तरीका भी है जिसे राउंड-रॉबिन कहा जाता है। इस फॉरमेंट में टूर्नामेंट में शामिल हर एक टीम को प्रत्येक से मैच खेलना होता है। 1992, 2019 और 2023 के विश्व कप इसी प्रारूप में खेले गए थे।

भारत-पाकिस्तान का मैच क्यों जरूरी

भारत और पाकिस्तान वनडे विश्व कप में 1992 से लगातार मैच खेल रहे हैं। इसमें 2007 में इकलौता ऐसा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट था जिसमें दोनों के बीच मुकाबला नहीं हुआ।

वेस्टइंडीज में हुए इस विश्व कप में भारत और पाकिस्तान को अलग-अलग ग्रुप में रखा गया था। आईसीसी और आयोजकों को उम्मीद थी कि दोनों टीमें आगे चलकर सुपर-8 या नॉकआउट दौर में टकराएंगी।

लेकिन उस टूर्नामेंट में बड़ा उलटफेर हुआ। भारत और पाकिस्तान दोनों अपने-अपने शुरुआती ग्रुप मुकाबलों में हारकर पहले ही दौर में बाहर हो गए। इस एक हादसे ने पूरे वर्ल्ड कप का मज़ा किरकिरा कर दिया। टीवी व्यूअरशिप अचानक गिर गई, विज्ञापनदाताओं के करोड़ों रुपये डूब गए और ब्रॉडकास्टर्स को भारी नुकसान हुआ।

इसी साल दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले टी20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया था। ग्रुप स्टेज का मैच (बॉल-आउट वाला) और फिर फाइनल में दोनों टीमों की भिड़ंत ने टीआरपी और लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस टूर्नामेंट की अपार सफलता ने साबित कर दिया कि भारत-पाक मैच ही पूरे टूर्नामेंट को सुपरहिट बना सकता है।

2011 के वनडे विश्वकप और 2012 के टी20 विश्वकप के बाद से भारत और पाकिस्तान दोनो को एक ही ग्रुप में रखा गया है। दोनो टीमों को एक ही ग्रुप में रखने का सबसे बड़ा फायदा ये कि अगर दोनो में से कोई सी भी टीम अगले रांउड में नहीं पहुंचती है तो एक मैच कम से कम का तो आयोजन हो ही जाता है।

ब्रॉडकास्टिंग, टिकट और लॉजिस्टिक्स का गणित

विश्व कप जैसे बड़े इवेंट के आयोजन में ब्रॉडकास्टिंग और लॉजिस्टिक्स का बड़ा रोल होता है। भारत-पाकिस्तान मैच दुनिया में सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले खेल मुकाबलों में से एक है। ब्रॉडकास्टर्स आईसीसी को जो हज़ारों करोड़ रुपये मीडिया राइट्स के लिए देते हैं, उसमें इस एक मैच की टीआरपी का बड़ा योगदान होता है।

फोर्ब्स और सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार 2023 के वनडे विश्व के दौरान भारत-पाकिस्तान के मैच में प्रति 10-सेकंड के विज्ञापन दरों फाइनल मैच के बाद दूसरी सबसे अधिक रहीं। इस मैच के लिए ब्रॉडकास्टर्स प्रति 10 सेकंड के विज्ञापन के लिए ₹30 से ₹40 लाख वसूले थे। जबकि एक आम मैच में यह फीस ₹6 से 10 लाख थी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले में ये दरें ₹35 से 50 लाख थीं।

 

Fahad Hayat

Fahad Hayat

Fahad Hayat is a Editor at The Focus live. He likes to write on Sports and Politics. 8 Year Experience in Print & Digital Media.

All articles by this author →

Related Articles