28 अगस्त 2026 को इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच चल रहे टेस्ट मैच के दौरान क्रिकेट की दुनिया ने एक अभूतपूर्व मोड़ देखा। ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर ‘स्काई स्पोर्ट्स’ पर लंच ब्रेक के दौरान माइकल एथर्टन ने पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान के बेटों-कासिम और सुलेमान खान का इंटरव्यू प्रसारित किया। इस बातचीत में दोनों बेटों ने अपने पिता की गिरती सेहत और रावलपिंडी की अडियाला जेल में उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
इस इंटरव्यू के टीवी स्क्रीन पर आते ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) बेहद असहज हो गया। क्रिकइंफो और द गार्जियन की रिपोर्ट्स के मुताबिक, PCB ने स्काई स्पोर्ट्स के सामने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया और स्थिति यहां तक पहुंच गई कि पाकिस्तानी टीम ने लंच के बाद मैदान पर उतरने में झिझक दिखाई। हालांकि मुकाबला बाद में जारी रहा, लेकिन पाकिस्तान के सरकारी नेटवर्क PTV ने इस पूरे हिस्से को लाइव प्रसारण से काट दिया।
पिछले तीन सालों से जेल में बंद हैं इमरान
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। पहले उन्हें तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा हुई, जिसके बाद सिफर (गोपनीय दस्तावेज) और इद्दत निकाह जैसे कई मुकदमे दर्ज किए गए। हालांकि सिफर और इद्दत मामलों में उन्हें अदालतों से राहत मिल चुकी है और तोशाखाना की सजा पर भी स्टे है, लेकिन अन्य मुकदमों के चलते वे बाहर नहीं आ सके हैं।
इंटरव्यू में कासिम खान ने कहा-
“यह पूरी तरह साफ है कि प्रशासन क्या कर रहा है। वे खुले तौर पर उन्हें अंदर ही खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मकसद उन्हें लंबे समय तक कैद रखकर हमेशा के लिए चुप कराना है।”
सुलेमान खान ने बताया कि 21 अगस्त को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद इमरान खान को सही इलाज नहीं दिया गया। अदालत ने उन्हें किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराने को कहा था, लेकिन उन्हें महज कुछ घंटे एक सरकारी अस्पताल में रखकर 1 घंटे के भीतर ‘फिट’ घोषित कर दिया गया और वापस अडियाला जेल भेज दिया गया। बेटों का आरोप है कि उन्हें दिन में 23 घंटे आइसोलेशन में रखा जा रहा है और एक आंख की रोशनी घटने के बावजूद उनके निजी डॉक्टरों को मिलने नहीं दिया जा रहा।
खेल की दुनिया से उभरा मानवीय पत्र
इमरान खान की इस स्थिति को लेकर दुनिया भर के पूर्व दिग्गज क्रिकेट कप्तानों ने एकजुट होकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ को एक संयुक्त पत्र भेजा है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल की पहल पर भेजा गया यह दूसरा पत्र 23 अगस्त को सौंपा गया। पहला पत्र फरवरी में भेजा गया था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
पत्र में कप्तानों ने साफ किया है कि वे पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं, बल्कि खेल के इतिहास के एक महान खिलाड़ी की सेहत और उसके मौलिक अधिकारों को लेकर मानवीय अपील कर रहे हैं।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तान:
- भारत: सुनील गावस्कर, कपिल देव, दिलीप वेंगसरकर
- इंग्लैंड: माइकल एथर्टन, माइकल बियरली, नासिर हुसैन, एंड्रयू स्ट्रॉस, डेविड गॉवर, एलेस्टेयर कुक
- ऑस्ट्रेलिया: ग्रेग चैपल, इयान चैपल, अलन बॉर्डर, स्टीव वॉ, एडम गिलक्रिस्ट, किम ह्यूज, बेलिंडा क्लार्क (महिला टीम)
- वेस्टइंडीज: क्लाइव लॉयड
- न्यूजीलैंड: जॉन राइट
- श्रीलंका: अर्जुन रणतुंगा
- महिला क्रिकेट: ली जर्मन (न्यूजीलैंड), एलेक्स ब्लैकवेल (ऑस्ट्रेलिया)
इमरान खान और उनकी पार्टी PTI का कहना है कि 2022 में सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद दर्ज किए गए सभी मामले राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित हैं ताकि उन्हें चुनावी राजनीति से दूर रखा जा सके। दूसरी ओर, पाकिस्तानी सरकार और जांच एजेंसियां इन दावों को खारिज करते हुए कहती हैं कि सभी मामले विशुद्ध रूप से कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं।






