दुनिया के सबसे महान फुटबाल खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने जब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहने का फैसला किया, तो उन्होंने किसी भारी-भरकम प्रेस कॉन्फ्रेंस का सहारा नहीं लिया। उन्होंने हाथ से 230 शब्दों का एक साधारण सा नोट लिखा और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
39 साल के मेसी का यह नोट सिर्फ एक खेल से संन्यास का ऐलान नहीं था, बल्कि दो दशकों लंबे उस ऐतिहासिक सफर का आखिरी पन्ना था, जिसकी शुरुआत 2005 में हुई थी। यह उस अर्जेंटीना की 10 नंबर वाली जर्सी को विदाई थी, जिसके बारे में मेसी ने खुद लिखा-“मैंने इसके लिए अपना सब कुछ दे दिया, अब मेरे पास देने के लिए कुछ नहीं बचा है।”
यह फैसला रातों-रात या अचानक नहीं लिया गया था। 2026 विश्व कप के फाइनल में स्पेन के खिलाफ अतिरिक्त समय तक चले कड़े मुकाबले में अर्जेंटीना को हार का सामना करना पड़ा था। यह मैच अर्जेंटीना के लिए मेसी का आखिरी मैच साबित हुआ। मुकाबले के ठीक दो दिन बाद, 21 जुलाई को ही मेसी ने यह खत लिखकर अपनी दराज में रख लिया था।
वे मैदान पर अपनी शारीरिक सीमाओं को पहचान चुके थे। स्पेन के खिलाफ मैच को याद करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पैर अब आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। लेकिन इस फैसले पर अंतिम मुहर तब लगी, जब 8 अगस्त को उनके 68 वर्षीय पिता और लंबे समय तक गाइड रहे जॉर्ज मेसी का निधन हो गया। पिता के जाने के गम ने मेसी के भीतर सब कुछ बदल दिया। उन्होंने महसूस किया कि अब मैदान पर रुकने का वक्त खत्म हो चुका है और नए, युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाने का हक मिलना चाहिए।
पहले 2016 में लिया था संन्यास
मेसी के करियर में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहने के दो मोड़ आए, लेकिन दोनों के बीच का अंतर ही उनकी असली महानता को दर्शाता है।
2016 में जब मेसी ने पहली बार संन्यास लिया था, तब उनकी आंखों में आंसुओं के साथ एक अधूरापन और पछतावा था। लगातार फाइनल हारने के बाद 2016 का मेसी कह रहा था– “मैं अपने देश के लिए नहीं जीत सका।” उस वक्त फैंस और साथी खिलाड़ियों के प्यार ने उन्हें वापस लौटने पर मजबूर किया।
लेकिन 2026 की यह दूसरी विदाई पूरी तरह से अलग थी। इस बार आंसुओं की जगह एक लंबी यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करने का सुकून था। 2016 की विदाई में हार से भागा हुआ एक खिलाड़ी था, जबकि 2026 की विदाई में वह महानायक था जिसने अपने देश का 36 साल पुराना विश्व कप का सूखा (कतर 2022) खत्म किया और दो बार (2021 और 2024) कोपा अमेरिका का ताज पहनाया। 2016 का मेसी टूटा हुआ था, जबकि 2026 का मेसी मुस्कुराते हुए कह रहा था—“मैंने सब कुछ हासिल कर लिया है।”
अपने विदाई संदेश में मेसी ने प्रशंसकों के 20 साल के निस्वार्थ प्यार के लिए शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा, “मुझे मैदान से आपकी आवाज सुनना बहुत याद आएगा। लेकिन अब मैं मैदान के अंदर नहीं, बल्कि आप ही में से एक बनकर बाहर से अपनी टीम का समर्थन करूंगा—अच्छे समय में भी और खासकर बुरे समय में भी।” उन्होंने आगे लिखा, “यह ऐसा फैसला है जो मेरी आत्मा को दुख देता है, लेकिन ऊपर वाले का शुक्र है कि उन्होंने मुझे अर्जेंटीनी बनाया।”
अर्जेंटीना के लिए सबसे ज्यादा गोल करने और सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले इस दिग्गज का अंतरराष्ट्रीय सफर भले ही थम गया हो, लेकिन क्लब फुटबॉल में वे अमेरिका के ‘इंटर मियामी’ के लिए खेलना जारी रखेंगे।






