टेनेसी की एक बेहद गरीब छप्पर वाली झोपड़ी में जन्मी डॉली पार्टन की जिंदगी किसी परीकथा जैसी नहीं थी। 12 भाई-बहनों वाले उस परिवार में पैसों की इतनी तंगी थी कि जब डॉली का जन्म हुआ, तो उनके पिता ने डॉक्टर को फीस के रूप में एक बोरी अनाज दिया था। लेकिन उसी मिट्टी के मकान से एक ऐसी आवाज निकली, जिसने दुनिया के संगीत का नक्शा बदल दिया।
हाल ही में, 80 वर्ष की उम्र में जब दुनिया ने इस महान गायिका को आखिरी विदाई दी, तो हर आँख नम थी। अपनी जिंदगी के आखिरी दौर में भी डॉली के भीतर की कला की भूख शांत नहीं हुई थी। उन्होंने जाने से कुछ ही समय पहले कहा था, “मुझे अभी जिंदगी में बहुत कुछ हासिल करना बाकी है, मेरे पास कहानियों और गानों की एक लंबी फेहरिस्त है जो मुझे पूरी करनी है”। यह महज शब्द नहीं थे, यह उस औरत की जिजीविषा थी जिसने अपनी शर्तों पर जीना सीखा।
3 हजार गानों की जादूगरनी और 11 ग्रैमी का सफर
डॉली पार्टन केवल एक गायिका नहीं थीं, वे एक ऐसी रचयिता थीं जिनके हाथों में जादू था। अपने करियर में उन्होंने 3,000 से भी अधिक गाने लिखे और गाए। उनके खाते में 11 प्रतिष्ठित ग्रैमी अवॉर्ड्स और 50 से अधिक नॉमिनेशन्स दर्ज हुए।
उनकी सबसे मशहूर रचना ‘I Will Always Love You’ की कहानी अपने आप में एक मिसाल है। 1970 के दशक में जब उन्होंने अपने मेंटर पोर्टर वैगनर के शो से अलग होकर अपना सोलो करियर शुरू करने का फैसला किया, तो वैगनर बहुत नाराज हुए। डॉली उनसे बहस नहीं करना चाहती थीं। वे घर गईं, उन्होंने अपना गिटार उठाया और एक ही रात में यह गाना लिख डाला। अगले दिन जब उन्होंने यह गाना वैगनर को सुनाया, तो उनकी आँखों में आँसू आ गए और उन्होंने कहा, “यह तुम्हारा सबसे बेहतरीन गाना है, तुम जा सकती हो, लेकिन इसे रिकॉर्ड करने में मैं तुम्हारी मदद करूँगा।”
बाद में जब एल्विस प्रेस्ली (King of Rock) इस गाने को गाना चाहते थे, तो उनकी शर्त थी कि गाने के कॉपीराइट के 50% हिस्सेदार वे होंगे। डॉली ने बेहद साहसी फैसला लेते हुए एल्विस जैसे सितारे को भी मना कर दिया क्योंकि वे अपने लिखे गानों की मालकिन खुद रहना चाहती थीं। यही गाना सालों बाद व्हिटनी ह्यूस्टन की आवाज में दुनिया का सबसे बड़ा हिट बना और डॉली को रॉयल्टी के रूप में करोड़ों डॉलर दे गया।
उनका आइकॉनिक विग लुक और उस चमक-धमक का राज
डॉली का लुक हमेशा से ही अनोखा रहा—ऊँचे सुनहरे विग, चमकदार कपड़े और उनका बिंदास अंदाज। लेकिन इसके पीछे की कहानी बहुत सहज और मजाकिया है। जब डॉली से उनके बड़े-बड़े विग्स के बारे में पूछा जाता, तो वे हँसकर कहतीं, “मेरी खुद की बनावट बहुत छोटी है और मेरे असली बाल बहुत पतले हैं। विग मुझे वो ‘वॉल्यूम’ और कॉन्फिडेंस देते हैं जो मुझे स्टेज पर चाहिए।”
उनका एक मशहूर डायलॉग आज भी गूँजता है: “यह सस्ता दिखने के लिए मुझे बहुत सारे पैसे खर्च करने पड़ते हैं!” (It costs a lot of money to look this cheap)। वे अपनी गरीबी को कभी छिपाती नहीं थीं, बल्कि उन्होंने अपनी चमक-धमक को अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया।
लाखों बच्चों को मुफ्त किताबें बांटी
बहुत कम लोग जानते हैं कि डॉली ने कभी बच्चों को जन्म नहीं दिया, लेकिन वे लाखों बच्चों की ‘गॉडमदर’ बनीं। उन्होंने ‘इमैजिनेशन लाइब्रेरी’ की शुरुआत की, जिसके तहत उन्होंने दुनिया भर के गरीब बच्चों को हर महीने मुफ्त किताबें भेजना शुरू किया। अब तक वे 20 करोड़ से भी ज्यादा किताबें बच्चों को मुफ्त बाँट चुकी थीं। इसके अलावा, कोविड-19 महामारी के दौरान मॉडर्ना वैक्सीन की रिसर्च के लिए उन्होंने 10 लाख डॉलर का दान भी दिया था।
80 की उम्र में इस दुनिया से रुखसत होने वाली डॉली पार्टन ने साबित किया कि अगर आपके पास अपनी पहचान को गले लगाने का हौसला है, तो फिर गरीबी भी आपका रास्ता नहीं रोक सकती। वे चली गईं, लेकिन उनके गानों की मिठास और उनका जिंदादिल अंदाज हमेशा अमर रहेगा।






