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21 साल के ‘बिट्टू तबाही’ ने कैसे अकेले बदल दी नदी की सूरत, मिला विदेश से नौकरी का ऑफर

हौसला और मजबूत इरादा हो, तो इंसान अकेले ही बदलाव की बड़ी नींव रख सकता है। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में रहने वाले 21 साल के छात्र सुरेंद्र सिंह चौधरी-जिन्हें सोशल मीडिया पर लोग ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से जानते हैं-की कहानी इस बात की एक जीती-जागती मिसाल बनकर सामने आई है।

ब्यावरा से होकर बहने वाली अजनार नदी कचरे, सड़ी हुई काई और प्लास्टिक के ढेरों से बुरी तरह घिरी हुई थी। पानी से आती दुर्गंध के कारण लोग वहां जाने से भी कतराने लगे थे। रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर आ रहे दावों के मुताबिक, 26 जनवरी 2026 को बिट्टू ने बिना किसी की मदद का इंतज़ार किए खुद ही अजनार नदी को स्वच्छ बनाने का मन बना लिया।

दावा किया जा रहा है कि बिट्टू को तैरना तक नहीं आता था और न ही उनके पास सुरक्षा के लिए दस्ताने या गमबूट जैसे बुनियादी संसाधन मौजूद थे। इसके बावजूद, वे सीधे नदी के गंदे पानी में उतर गए और कचरा साफ करना शुरू कर दिया।

खबरों के अनुसार, बिट्टू ने अपनी जेब से लगभग 30,000 रुपये खर्च करके तगाड़ी, फावड़ा और डस्टबिन जैसी जरूरी चीजें खरीदीं। उन्होंने नदी के मुख्य घाटों से बड़ी मात्रा में कचरा बाहर निकाला। इस दौरान हाथों में इन्फेक्शन होने की बात भी सामने आई, लेकिन उन्होंने अपना कदम पीछे नहीं खींचा और काम में जुटे रहे।

केविन पीटरसन ने शेयर की पोस्ट

बिट्टू जब नदी सफाई के ‘बिफोर और आफ्टर’ (सफाई से पहले और बाद के) वीडियो सोशल मीडिया पर डालने लगे, तो उनकी लगन ने इंग्लैंड के पूर्व महान क्रिकेटर केविन पीटरसन का ध्यान खींचा। पीटरसन ने इंस्टाग्राम पर बिट्टू की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा:

“21 साल का बिट्टू तबाही बिना दस्ताने, बिना बूट्स और बिना तैरना जाने ही प्रदूषित नदी में उतर गया। बिट्टू के नाम (सरनेम) का मतलब ‘तबाही’ होता है, लेकिन आज वे जल प्रदूषण को तबाह कर रहे हैं। इस साहसिक कदम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जाना चाहिए।”

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नेदरलैंड्स से मिला नौकरी का ऑफर

पीटरसन की पोस्ट के बाद बिट्टू का काम अंतरराष्ट्रीय मंच पर वायरल हो गया। नेदरलैंड्स की मशहूर पर्यावरण संस्था ‘द ओशन क्लीनअप’ (The Ocean Cleanup) के संस्थापक और सीईओ बोयन स्लाट (Boyan Slat) ने बिट्टू के काम की तारीफ करते हुए उन्हें सीधे नौकरी की पेशकश कर दी। बोयन स्लाट ने सोशल मीडिया पर केवल चार शब्द लिखकर बिट्टू को आमंत्रित किया— “Come work for us” (हमारे साथ आकर काम करो)।

आनंद महिंद्रा और मुख्यमंत्री ने भी की सराहना

देश के दिग्गज उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी बिट्टू तबाही के इस जमीनी प्रयास की जमकर तारीफ की। महिंद्रा ने कहा कि जब पूरा समाज किसी समस्या को देखकर अनदेखा कर देता है, तब ऐसे युवा ही बदलाव की अलख जगाते हैं।

इसके अलावा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी बिट्टू के काम को सराहा और राज्य के युवाओं के लिए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया।

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